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लोकसभा खीरी व धौरहरा में चला जातिगत फैक्टर, इस बड़ी वजह से मिली दोनो सीटों पर बीजेपी को हार।

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लखीमपुर खीरी: लोकसभा खीरी और धौरहरा में इंडिया गठबंधन के सपा उम्मीदवार ने ब्राह्मण और ठाकुर बहुल इस दोनों सीटों पर मौजूदा सांसदों को पटखनी दी। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यहां ठाकुर और ब्रह्मण भाजपा प्रत्याशी से नाराज चल रहे थे, जिसे भाजपाई भांप नहीं पाए। साथ ही खीरी में किसानों की नाराजगी वोटिंग के रूप में उभरकर सामने आई। धौरहरा में भाजपा अपने बागी श्याम किशोर अवस्थी को नहीं मना सके। ऐसे में वह बसपा से चुनाव लड़े और कैडर वोट के साथ ही भाजपा के अगड़ों के वोट को भी झटक लिया। चुनाव में तीसरे स्थान पर रहकर भी उन्होंने 185474 वोट झटक लिए। लोकसभा खीरी में कुर्मी बिरादरी लगभग सपा की तरफ झुकी हुई नजर आई वहीं पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा ने चुनाव नही लड़ा था जिससे लगभग बसपा का वोट बीजेपी में जुड़ा था जिसे बीजेपी को पूरा फायदा भी मिला था मगर इस बार बसपा पार्टी ने अपनी प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतार दिया। जिसका बीजेपी को नुकसान हुआ वहीं सपा को सीधा फायदा मिला। क्योंकि बसपा प्रत्याशी ने बीजेपी की ही वोट को काटा वहीं कुर्मी, सिख, यादव व मुस्लिम जाति के वोटों को सपा लगभग पूरा हथियाने में सफल रही जिसका बीजेपी को सीधा नुकसान हुआ।

लोकसभा खीरी इन विधानसभाओं से हारी बीजेपी

पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हर विधानसभा में भारी जीत हासिल हुई थी वही इस बार हुए लोकसभा में बीजेपी को विधानसभा सदर, श्रीनगर, गोला, कस्ता, मोहम्मदी से हार मिली वहीं विधानसभा निघासन व पलिया से बहुत छोटी जीत मिली। इन विधानसभाओं में सबसे ज्यादा गोला विधानसभा से बीजेपी को हार मिली।

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

पत्रकारिता जगत में एक ऐसा नाम जो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है।

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