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रोजी रोटी के लिए गए थे मजदूरी करने छह माह बाद वापस आते समय हुआ भीषण सड़क हादसा, दो की गई जान।

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निघासन(लखीमपुर खीरी): परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी करके छह माह बाद वापस घर लौट रहे मजदूरों को क्या पता था की उनका ये सफर जोखिम से भरा हुआ है। काम समाप्त करने के बाद मजदूरों ने डीसीएम किराए पर की और अपने घरों के लिए वापस आने लगे मगर रास्ते में असम हाइवे के पास ड्राइवर की आंख लग गई और गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी की गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और आगे की सीट पर बैठे सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
थाना सिंगाही क्षेत्र के टांडा गांव निवासी ठेकेदार प्रताप आसपास के गावों से मजदूरी हेतु गन्ने की छिलाई कराने सभी मजदूरों को छः माह पहले मेरठ लेकर गया था। गन्ने की छिलाई का काम पूरा होने के बाद सभी मजदूर डीसीएम से अपने घर वापस आ रहे थे। तभी रास्ते में असम हाइवे के पास श्रमिकों से भरी डीसीएम अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। डीसीएम में आगे बैठी थाना सिंगाही क्षेत्र के गांव नौरंगाबाद निवासी मासूम रेशमा(10) व बथुआ टांडा निवासी शबीना(30) की मौके पर ही मौत हो गई व लगभग दो दर्जन पीछे बैठे मजदूर गंभीर घायल हो गए। रेशमा व शबीना की मौत की खबर सुनने के पर छः माह बाद उनके घर वापसी की जो खुशी थी वो मातम में बदल गई। मृतक रेशमा व शबीना के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

मजदूरी से ही चलता था घर:- 

मृतक शबीना के घर आय का कोई दूसरा श्रोत नही था न ही इनके पास पर्याप्त जमीन थी और न ही काम करने का कोई जरिया। बाहर काम करने के लिए जाने पर अच्छी दिहाड़ी मिलती थी इसलिए शबीना अपने पति इस्तियाक के साथ मजदूरी के लिए बाहर जाया करती थी। मजदूरी में जो पैसे बचते थे उन्हीं पैसों से शबीना का घर चलता था। वहीं मृतक मासूम रेशमा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के लिए जाया करती थी। रेशमा के माता पिता बेहद गरीब है जिस दिन ये मजदूरी करने नही जाते उस दिन इनके घर चूल्हा नहीं जलता था। इन समस्याओं के चलते रेशमा के माता पिता भी अपने पूरे परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए मेरठ गए थे उन्हीं के साथ रेशमा भी गई थी मगर उसे क्या मालूम था की उसका ये सफर आखरी है।

ये लोग हुए घायल

सिंगाही थाना क्षेत्र के रहने वाले अभिषेक, श्यामू, धर्मेंद्र, संजू देवी, अल्ताफ, रंगीलाल, इस्तियाक, कुन्नू, गौतम, अजमानो, सद्दाम, शमा, अलनुमा, मुबारक अली, मसरूम, कदीर, राजवी, मामा, राजमानो, हिदायत अली, आशकोना, काशरून, इंतजार अली, शौखअली, नसरुद्दीन, पुष्पा देवी, शाइना, शादाब, रुबीना, इख्त्याज आदि सभी लोग मजदूरी करके छह माह बाद अपने घर वापस आ रहे थे। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

पत्रकारिता जगत में एक ऐसा नाम जो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है।

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