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मेहनत मजदूरी कर पति ने अपनी पत्नी को पढ़ा कर बनाया लेखपाल मगर लेखपाल बनते ही पत्नी ने पति को छोड़ा।

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झांसी: कुछ माह पूर्व एक घटना बड़ा वायरल हुई थी जिसमे चपरासी पति अपनी पत्नी को पढ़ा कर एसडीएम बनाता है तो वहीं पत्नी एसडीएम बनते ही अपने पति से बेवफाई कर उसे तलाक तक देने के राजी हो जाती है जी हां हम बात कर रहे एसडीएम ज्योति मौर्य व आलोक मौर्य के प्रकरण की, इस प्रकरण के बाद महिलाओं के लिए मुसीबत खड़ी हो गई कुछ पतियों ने अपनी पत्नी को तैयारी कराने का समर्थन वापस ले लिया।
इसी बीच झांसी से ठीक ऐसे ही प्रकरण की जानकारी मिली है जहां नीरज नाम के कारपेंटर ने अपनी खून पसीने से कमाई कर अपनी पत्नी को पढ़ाया और 2022 में लेखपाल भर्ती के दौरान अपनी पत्नी ऋचा सोनी विश्वकर्मा का फार्म भर दिया। पत्नी पढ़ाई में अच्छी थी उसने ये परीक्षा पास कर ली और लेखपाल बन गई। लेखपाल बनते ही उसका दिल बदल गया और उसे ये बात अखड़ने लगी की में लेखपाल और मेरा पति मामूली कार पेंटर। इस बात को लेकर वह अपने पति से दूरियां बनाने लगी यही नहीं उसने अपने पति से बात करना भी बंद कर दिया और उसका फोन भी नही उठाती। बुधवार को झांसी कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी लेखपालों को नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। इस बात की सूचना जब नीरज को हुई तो वह वहां पहुंच गया और अपनी पत्नी का बाहर निकलने का इंतजार करने लगा मगर पत्नी पीछे गेट से बाहर निकल गई। नीरज ने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
सबसे बड़ी बात तो यह है की दोनो लोगों की मुलाकात 5 साल पहले हुई थी पहले दोस्ती हुई और फिर दोस्ती प्यार में बदल गई। यहीं नहीं दोनो ने 6 फरवरी 2022 को कोर्ट मैरिज की थी।

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

पत्रकारिता जगत में एक ऐसा नाम जो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है।

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