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गन्ना किसानों के लिए संकट की घड़ी, विभाग ने आगाह करते हुए किसानों को दिए ये सुझाव।

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गन्ना किसान: गन्ना की फसल पर रेटरॉट और टॉपबोरर का साया मंडरा रहा है। गन्ना विभाग के अफसरों का मानना है कि बारिश के बाद रेडरॉट और फैल सकता है। ऐसे में इससे बचाव के लिए किसानों को सुझाव दिया गया है। गन्ना के खेत में जितने पौधों में रेडराट लगा है उनको जड़ से उखाड़कर वहां पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। वहीं टॉपबोरर से बचाव के लिए दवा का छिड़काव कराने का सुझाव दिया गया है। गन्ना की फसल का सर्वे कराया जा रहा है। इस बीच गन्ना की फसल में रोग लगने की शिकायतें मिलीं। इस पर उपगन्ना आयुक्त ने भी खेतों में पहुंचकर सत्यापन किया। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शारदा व घाघरा नदी के किनारे वाली फसलों में टॉपबोरर का असर दिखा है। इसके अलावा 0238 प्रजाति के गन्ना फसल में रेडरॉट का असर दिखा है। उन्होंने बताया कि इस प्रजाति को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिन खेतों में रेड रॉट का असर दिखा उन खेतों में रोग प्रभावित पौध को उखड़वा दिया गया। खेत में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।
इसके अलावा जहां टॉप बोरर का असर दिखाई दिया वहां पर दवा छिड़काव का सुझाव किसानों को दिया गया है। बताते चलें कि गन्ना सर्वे का काम पूरा हो गया है। पिछले साल जो पेड़ी दर्ज थी उसका डाटा अपडेट कर दिया गया है। अब इसका सत्यापन कराया जा रहा है। डीसीओ ने बताया कि जल्द ही सत्यापन के बाद सर्वे पूरा हो जाएगा।

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

पत्रकारिता जगत में एक ऐसा नाम जो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है।

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