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आखिर कौन है लखीमपुर खीरी की नवागत डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल? सपा सरकार में अखिलेश यादव ने कर दिया था सस्पेंड।।

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लखनऊ: वैसे तो हमने कई आईएएस अधिकारियों के बारे में जाना व सुना होगा मगर आज एक ऐसी महिला आईएएस अधिकारी की हम बात करेंगे जो अपनी नौकरी के चंद दिनों में ही चर्चित हो गई थी।
जी हां हम बात कर रहे है 2010 बैच की आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की जो मुख्य नोएडा की रहने वाली है। 39 वर्षीय दुर्गा शक्ति नागपाल ने बीटेक से स्नातक किया है और अपनी मेहनत के बल पर 2009 में 20वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनी थी। इनके पति अभिषेक भी आईएएस अधिकारी थे मगर उनका रुख टेलीविजन और राजनीति की तरफ ज्यादा था जिससे उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था।
योगी सरकार ने दुर्गा शक्ति नागपाल के कार्यों को देखते हुए यूपी के सबसे बड़े जनपद लखीमपुर खीरी की कमान इन्हे सौंपी है। इससे पहले ये बांदा जिले की डीएम थी।

खनन पर शिकंजा कस हुई थी चर्चित

सन् 2012-13 में गौतमबुद्ध नगर में बतौर एसडीएम तैनाती के दौरान दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपने अधिकार क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अवैध रेत खनन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर ताबड़तोड़ कार्यवाही की थी। उस दौरान खनन माफियाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहले तो दुर्गा शक्ति नागपाल का ट्रांसफर किया था फिर उन्हे सस्पेंड कर दिया था। उस वक्त यह मामला बहुत उछला था सभी ने मुख्यमंत्री की कार्यवाही को गलत ठहराया था। सरकार की ज्यादा किरकिरी होने के बाद इन्हें लगभग दो माह बाद बहाल कर दिया गया था। जनवरी 2015 से मार्च 2021 तक ये केंद्रीय प्रतियुक्ति पर चली गई जहां उन्होंने अलग अलग पदों पर रहकर कार्य किए। उसके बाद फिर इन्होंने यूपी कैडर में वापसी की और चिकित्सा विभाग में विशेष सचिव बनाई गई, यहां काफी समय तैनात रहने के बाद इन्हें बांदा जिले की कमान सौंपी गई और यहां इन्होंने कई सराहनीय कार्य किए। इनके कार्यों को देखते हुए योगी सरकार ने बुधवार को इन्हे लखीमपुर खीरी का डीएम बनाया है।

महिलाओं को दिखाई एक नई राह:-

जहां एक तरफ पहले गोबर का इस्तेमाल उपले या खाद बनाने के लिए किया जाता था, तो वहीं आईएएस दुर्गा के इस कदम से उत्तर प्रदेश की महिलाएं गोबर से दीये बना रही हैं। इससे महिलाओं के लिए आमदनी का नया रास्ता खुला और आज वे अच्छी कमाई भी कर रही हैं।
यही नहीं, पिछली दिवाली के मौके पर इन दीयों को सेल कर महिलाओं की अच्छी कमाई भी हुई। आईएएस दुर्गा शक्ति ने इन महिलाओं को ईको फ्रेंडली दीये बनाने का आइडिया दिया, जो काम कर गया।

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

दीप शंकर मिश्र"दीप":- संपादक

पत्रकारिता जगत में एक ऐसा नाम जो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाना जाता है।

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