मेरे अस्तित्व को मिटने से बचा लो, मेरे प्राण निकले जा रहे है, में आपकी सरयू नदी हूं।
रिपोर्ट:- शरद मिश्रा निघासन खीरी: में चीख रही हूं, मैंने आप सबको जीवनदान दिया है, आपकी प्यास बुझाई है और … Continue reading मेरे अस्तित्व को मिटने से बचा लो, मेरे प्राण निकले जा रहे है, में आपकी सरयू नदी हूं।
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