रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन के पढुआ क्षेत्र में लगभग 1 वर्ष से ग्रामीणों में दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार गुरुवार को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
बताते चलें कि चंदैयापुर के गांव कंडौहा निवासी शालिकराम के आम के बाग में वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, जिसमें बकरी को चारा के रूप में बांधा गया था। देर रात शिकार की तलाश में पहुंचा तेंदुआ बकरी पर झपटते ही पिंजरे में कैद हो गया।
जानकारी के अनुसार बीते 1 वर्ष में यह तेंदुआ कई छोटे पशुओं को अपना शिकार बना चुका था। हाल ही में खेतों पर काम कर रहे कुछ ग्रामीणों पर भी उसने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त था। जिसके चलते ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी।
तेंदुए को पकड़ने के बाद वन विभाग की टीम ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है या मादा तथा उसे किस वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार धौरहरा वन अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सीय परीक्षण और आवश्यक प्रक्रिया के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।
बीडीओ की इस पहल से विद्यालयों में बच्चों की बढ़ेगी उपस्थिति, शिक्षा को मिलेगी नई रफ्तार।।

























